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Monday, 16 April, 2012

Demand for High-Court Bench logical

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Dainik Jagran reports

राउरकेला, जागरण संवाददाता :
पश्चिम ओडि़शा में हाईकोर्ट स्थायी बैंच की स्थापना यथार्थ है। इसे लेकर पश्चिम ओडि़शा वासियों एवं अधिवक्ताओं को एकजुट होकर संघर्ष जारी रखने का आह्वान सेंट्रल एक्शन कमेटी के चेयरमैन अशोक दास, वरिष्ठ अधिवक्ता निमाई चरण नायक समेत अन्य वक्ताओं ने किया।

की ओर से सेमीनार का आयोजन किया गया। इसमें मुख्य अतिथि अधिवक्ता निमाई चरण नायक ने कहा कि पश्चिम ओडि़शा में हाईकोर्ट बैंच की स्थापना नितांत आवश्यक है। किसी भी क्षेत्र में सामाजिक, आर्थिक, राजनीतिक, सांस्कृतिक विकास के लिए अलग राज्य एवं अलग कोर्ट जरूरी है और पश्चिम ओडि़शा में इसके ऐतिहासिक, भौगोलिक व सांस्कृतिक पृष्ठभूमि है। उन्होंने इसके पुराने इतिहास पर पर भी प्रकाश डाला। हाईकोर्ट बैंच सेंट्रल एक्शन कमेटी के संयोजक अशोक दास ने कहा कि पश्चिम ओडि़शा में हाईकोर्ट बैंच की स्थापना के लिए 21 साल से आंदोलन जो रहा है और वर्ष 2006 से सामूहिक आंदोलन किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि पश्चिम ओडि़शा कोई जगह नहीं है इस लिए इसे कहां स्थापित किया जाये इसकी जिम्मेदारी केन्द्र सरकार को दी गई है। सरकार जस्टिश जशवंत सिंह आयोग के रिपोर्ट के अनुसार कहीं भी हाईकोर्ट बैंच स्थापित किया जाये सभी को मंजूर होना चाहिए। सम्मानित अतिथि राउरकेला बार एसोसिएशन के अध्यक्ष रमेश बल ने कहा कि हाईकोर्ट बैंच की स्थापना बलांगीर या संबलपुर में करने की बात की जा रही है पर यह राउरकेला में क्यों नहीं? उन्होंने राउरकेला में सड़क, रेल एवं अन्य यातायात की सुविधा है तथा यहां देश के विभिन्न हिस्सों से लोग आकर बसे हैं। मिनी इंडिया के रूप में परिचित राउरकेला में ही हाईकोर्ट बैंच स्थापित करने पर उन्होंने जोर दिया। कार्यक्रम की अध्यक्षता वैद्यनाथ मिश्र ने की जबकि अतिथियों का स्वागत व प्रारंभिक रिपोर्ट सूरमा मिश्र ने पढ़ी।

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